H Company

अनुबंध

मौखिक समझौता मान्य है? हाँ, लेकिन जब लिखित कोटेशन में कुछ और लिखा हो तब?

भारत में भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 10 के तहत मौखिक अनुबंध भी अनुबंध है, जब तक कोई कानून लिखित रूप या पंजीकरण न माँगे। मुश्किल सबूत की है: जब शर्तें लिखी जा चुकी हों, तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 94 और 95 के तहत उनसे अलग मौखिक समझौते का सबूत आम तौर पर स्वीकार नहीं होता, कुछ अपवादों को छोड़कर। ठेकेदार और मरम्मत के काम में इसका क्या मतलब है, और उसी दिन क्या करें।

भारत में मौखिक अनुबंध: मान्य, जब तक कानून लिखित या पंजीकरण न माँगे (संविदा अधिनियम धारा 10); 100 रुपये या उससे अधिक की अचल संपत्ति की बिक्री पंजीकृत दस्तावेज़ से (संपत्ति अंतरण अधिनियम धारा 54); लिखित शर्तों के ख़िलाफ़ मौखिक सबूत आम तौर पर बाहर (साक्ष्य अधिनियम धारा 95); अपनी बातचीत की रिकॉर्डिंग इंटरसेप्शन नहीं (मलकानी 1973)।

ठेकेदार ख़ाली रसोई में खड़ा है, कोटेशन स्लैब पर रखा है।

“पुरानी टाइल्स हटाकर मलबा आप ही ले जाएँगे न?” “हाँ, हाँ, वो हम कर देंगे।”

तीन हफ़्ते बाद फ़ाइनल बिल आता है। एक नई लाइन है: मलबा उठवाई, 8,000 रुपये। “ये कोटेशन में नहीं था।”

मौखिक समझौता भी अनुबंध है। मुश्किल तब होती है जब उसे साबित करना पड़े।

एक नज़र में

सवाल भारत आधार
मौखिक अनुबंध मान्य? हाँ, जब तक कानून लिखित या पंजीकरण न माँगे संविदा अधिनियम, धारा 10
लिखित/पंजीकृत रूप ज़रूरी, उदाहरण 100 रुपये या अधिक की अचल संपत्ति की बिक्री संपत्ति अंतरण अधिनियम, धारा 54
लिखित शर्तें हों तो दस्तावेज़ ही सबूत साक्ष्य अधिनियम 2023, धारा 94
लिखित शर्तों के ख़िलाफ़ मौखिक सबूत आम तौर पर बाहर, कुछ अपवाद धारा 95
बाद का मौखिक संशोधन साबित किया जा सकता है, अगर कानून लिखित/पंजीकरण न माँगे धारा 95
अपनी बातचीत की रिकॉर्डिंग इंटरसेप्शन नहीं मलकानी, 1973

भारत के बाहर हिंदी भाषी देशों के कानून यहाँ नहीं देखे गए।

मौखिक भी बाध्यकारी है

भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 10: सक्षम पक्षों की स्वतंत्र सहमति से, वैध प्रतिफल और वैध उद्देश्य के लिए किया गया समझौता अनुबंध है। इसके लिए लिखित होना ज़रूरी नहीं। साइट पर “ठीक है, ऐसे ही करेंगे”, फ़ोन पर हाँ, हाथ मिलाना — ये अनुबंध बना सकते हैं।

अपवाद कानून तय करता है। सबसे जाना-पहचाना: संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 54 के तहत 100 रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की बिक्री पंजीकृत दस्तावेज़ से ही हो सकती है।

मरम्मत, पेंटिंग, टाइल्स का काम, सामान शिफ़्ट करवाना — इनके लिए कोई ख़ास रूप ज़रूरी नहीं।

कोटेशन में एक बात, ठेकेदार की ज़ुबान पर दूसरी

रसोई वाला मामला यही है: लिखित कोटेशन है, और मौखिक रूप से उसमें कुछ जोड़ा गया।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 94: जब अनुबंध की शर्तें दस्तावेज़ में लिखी हों, तो उनका सबूत वही दस्तावेज़ है। धारा 95: उन शर्तों का खंडन करने, उन्हें बदलने, उनमें जोड़ने या घटाने के लिए मौखिक समझौते का सबूत आम तौर पर स्वीकार नहीं होता। यह पुराने साक्ष्य अधिनियम की धारा 92 की जगह आई है।

अपवाद भी हैं:

  • धोखाधड़ी, डराना-धमकाना, ग़लती जैसे तथ्य, जो दस्तावेज़ को अमान्य कर सकते हैं।
  • किसी ऐसे मामले पर अलग मौखिक समझौता, जिस पर दस्तावेज़ चुप है और जो उससे असंगत नहीं।
  • बाद में किया गया अलग मौखिक समझौता, जिससे अनुबंध रद्द या संशोधित हुआ — सिवाय तब जब कानून ने अनुबंध का लिखित या पंजीकृत होना ज़रूरी किया हो।

यानी “मलबा भी हम ले जाएँगे” जैसी बात साबित करने का रास्ता है, लेकिन सबसे भरोसेमंद सबूत लिखित ही है।

उसी दिन क्या करें

सबसे आसान सुरक्षा बातचीत के बाद एक छोटा मैसेज है:

आज की बात के मुताबिक़: पुरानी टाइल्स हटाना और मलबा ले जाना कोटेशन की क़ीमत में शामिल है।

ठेकेदार “हाँ” लिखे या आपत्ति न करे, तो आपके पास तारीख़ वाला रिकॉर्ड है कि उस वक़्त दोनों ने बात कैसे समझी थी।

रिकॉर्डिंग: सुप्रीम कोर्ट ने आर. एम. मलकानी बनाम महाराष्ट्र राज्य (1973) में कहा कि बातचीत के एक पक्ष द्वारा या उसकी अनुमति से की गई रिकॉर्डिंग इंटरसेप्शन नहीं है। अदालत में पेश करने के लिए धारा 63 का प्रमाणपत्र चाहिए। विस्तार से: भारत में बातचीत रिकॉर्ड करना।

TalkSafe पहले से चुना हुआ शब्द सुनते ही रिकॉर्डिंग शुरू करता है और स्क्रीन लॉक होने पर भी काम करता है। कीवर्ड ऐसा शब्द रखिए जिससे बात आम तौर पर पक्की होती है, जैसे “पक्का”। जब कोई कहता है “तो पक्का?”, रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है — और उससे पहले के 30 सेकंड, जिनमें शर्तें बोली गईं, फ़ाइल में पहले से होते हैं। हिस्सा काटने पर मूल फ़ाइल बची रहती है। यह भी देखें: पहले आप कुछ कहते हैं।

TalkSafe की स्टार्ट स्क्रीन, जिसमें रियल-टाइम पहचान शुरू करने और मैनुअल रिकॉर्डिंग शुरू करने के बटन हैं।
TalkSafe की स्टार्ट स्क्रीन। रियल-टाइम पहचान चालू हो तो चुना हुआ शब्द पहचाने जाने पर रिकॉर्डिंग शुरू होती है; बटन से तुरंत रिकॉर्ड भी कर सकते हैं।

संक्षेप में

  • मौखिक अनुबंध मान्य है; लिखित या पंजीकरण तभी ज़रूरी जब कानून कहे।
  • लिखित शर्तें हों तो दस्तावेज़ ही सबूत है; उसके ख़िलाफ़ मौखिक सबूत आम तौर पर बाहर।
  • बाद का अलग मौखिक समझौता साबित किया जा सकता है।
  • उसी दिन तय बात का मैसेज भेजिए।
  • अपनी बातचीत की रिकॉर्डिंग इंटरसेप्शन नहीं; अदालत के लिए प्रमाणपत्र चाहिए।

उधार दिए पैसे बिना लिखित के: उधार दिए पैसे वापस कैसे लें?। रिकॉर्डिंग के बाद क्या करें: रिकॉर्डिंग के बाद क्या करें, और क्या न करें।

सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। अपने मामले के लिए किसी वकील से सलाह लीजिए।

क्या भारत में मौखिक अनुबंध मान्य है?

हाँ। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 10 के अनुसार सक्षम पक्षों की स्वतंत्र सहमति से, वैध प्रतिफल और वैध उद्देश्य के लिए किया गया समझौता अनुबंध है। यह लिखित होना ज़रूरी नहीं, सिवाय उन मामलों के जहाँ कोई कानून लिखित रूप या पंजीकरण माँगता है, जैसे संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 54 के तहत 100 रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की बिक्री।

कोटेशन में कुछ लिखा है, ठेकेदार ने मौखिक रूप से कुछ और कहा। क्या माना जाएगा?

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 94 के तहत जब अनुबंध की शर्तें दस्तावेज़ में लिखी हों, तो उनका सबूत वही दस्तावेज़ है। धारा 95 के तहत उन शर्तों का खंडन करने, उन्हें बदलने, उनमें जोड़ने या घटाने के लिए मौखिक समझौते का सबूत आम तौर पर स्वीकार नहीं होता। अपवाद हैं: धोखाधड़ी जैसे तथ्य, किसी ऐसे मामले पर अलग मौखिक समझौता जिस पर दस्तावेज़ चुप है और जो उससे असंगत नहीं, और बाद में किया गया अलग मौखिक समझौता।

क्या लिखित अनुबंध को बाद में मौखिक रूप से बदला जा सकता है?

धारा 95 के तहत बाद में किए गए अलग मौखिक समझौते से अनुबंध को रद्द या संशोधित करने का सबूत दिया जा सकता है, सिवाय तब जब कानून ने अनुबंध का लिखित होना या पंजीकृत होना ज़रूरी किया हो। मुश्किल यह साबित करना है कि बाद में क्या तय हुआ।

क्या ठेकेदार से बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने आर. एम. मलकानी बनाम महाराष्ट्र राज्य (1973) में कहा कि बातचीत के एक पक्ष द्वारा या उसकी अनुमति से की गई रिकॉर्डिंग टेलीफ़ोन संदेश का इंटरसेप्शन नहीं है। अदालत में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पेश करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 के तहत प्रमाणपत्र चाहिए, जिसमें उपकरण का विवरण और हैश वैल्यू होती है।

मौखिक समझौते को सबसे अच्छी तरह कैसे दर्ज करें?

उसी दिन एक छोटा मैसेज या ईमेल भेजिए जिसमें तय बात लिखी हो, जैसे: 'आज की बात के मुताबिक़, पुरानी टाइल्स हटाना और मलबा ले जाना कोटेशन की क़ीमत में शामिल है।' ठेकेदार हाँ कहे या आपत्ति न करे, तो आपके पास तारीख़ वाला लिखित रिकॉर्ड होगा।

TalkSafe इसमें कैसे मदद करता है?

TalkSafe एक Android वॉइस रिकॉर्डर ऐप है, जो पहले से चुना हुआ शब्द सुनते ही रिकॉर्डिंग शुरू करता है और स्क्रीन लॉक होने पर भी काम करता है। कीवर्ड ऐसा शब्द रखिए जिससे बात आम तौर पर पक्की होती है, जैसे 'पक्का': जब कोई कहता है 'तो पक्का?', रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है और उससे पहले के 30 सेकंड, जिनमें शर्तें बोली गईं, फ़ाइल में सेव रहते हैं।